Long Short Essay On Diwali Festival for kids in Hindi English

Essay On Diwali



Long Short Essay On Diwali Festival for kids in Hindi English :- Long Short Essay On Diwali Festival for kids students children's in Hindi English Marathi 2017 essays shubh Deepawali Deepavali Kannada Sanskrit language Punjabi . Diwali or Deepavali is a Hindu festival and which is celebrated in autumn or spring every year. It is one of the famous festivals of India and it is an official holiday in India Fiji, Guyana, Pakistan, Malaysia, Mauritius, Myanmar, Nepal, Singapore, Sri Lanka, Suriname and Trinidad and Tobago. The festival spiritually signifies the victory of light over darkness or good over evil, knowledge over ignorance, and hope over despair. This year Diwali falls on Sunday, October 30, 2017. A different tradition separates each of the four days in the festival of Diwali, but what remains true and constant is the celebration of life, its enjoyment, and goodness.



Diwali Short Essay in Hindi


Historically, the origin of Diwali can be traced back to ancient India, when it was probably an important harvest festival. However, various legends are pointing to the origin of Diwali or 'Deepawali.'

दीपावली या दीवाली रोशनी का त्योहार है दीपावली का अर्थ है दीपों की पंक्ति। दीपावली दीपों का त्योहार है। इसे दीवाली या दीपावली भी कहते हैं। इसे सिख, बौद्ध तथा जैन धर्म के लोग भी मनाते हैं। दीपावली के दिन अयोध्या के राजा श्री रामचंद्र अपने चौदह वर्ष के वनवास के पश्चात लौटे थे। श्री राम के स्वागत में अयोध्यावासियों ने घी के दीए जलाए थे। तब से आज तक प्रति वर्ष यह पर्व हर्ष व उल्लास से मनाते हैं। यह पर्व अक्टूबर या नवंबर महीने में पड़ता है। दीवाली अँधेरे से रोशनी में जाने का प्रतीक है। कई सप्ताह पूर्व ही दीपावली की तैयारियाँ आरंभ हो जाती है। दीपावली से पहले ही घर-मोहल्ले, बाज़ार सब साफ-सुथरे व सजे-धजे नज़र आते हैं। दीवाली भारत में एक सरकारी छुट्टी है दिवाली भारत के आलावा नेपाल , श्रीलंका , म्यांमार , मारीशस , गुयाना , त्रिनिदाद और टोबैगो , सूरीनाम , मलेशिया , सिंगापुर और फिजी में भी मनाया जाता है . हिंदुओं के लिए दीवाली एक महत्वपूर्ण त्यौहार है

दीपावली दो शब्दो से मिलकर बना हैं दीप +आवली. इसका अर्थ है, दीपो की पंक्ति अथवा कतार ।दीपावली कार्तिक माह की अमावस को मनाई जाती है। दीपावली के दिन सर्वत्र दीप जलाए जाते हैं । धनतेरस, नरकचतुर्दशी, लक्ष्मीपूजन और बलिप्रतिपदा ये चार दिन दीपावली मनाई जाती है.चौदह वर्ष का बनवास समाप्त कर जब श्रीरामप्रभु अयोध्या लौटे तो उनकी खुशी में दीवाली मनाई जाती हैं.दीपावली के दिन प्रत्येक घर दीपों की पंक्तियों से शोभायमान रहता है। दीपों, मोमबत्तियों और बिजली की रोशनी से घर का कोना-कोना प्रकाशित हो उठता है। इसलिए दीपावली को रोशनी का पर्व भी कहा जाता है। यह त्योहार अपने साथ ढेरों खुशियां लेकर आता है। एक-दो हफ्ते पूर्व से ही लोग घर, आंगन, मोहल्ले और खलिहान को दुरुस्त करने लगते हैं।दीपावली का दिन आने पर घर में खुशी की लहर दौड़ जाती है। बाजार में मिट्‍टी के दीपों, खिलौनों, खील-बताशों और मिठाई की दुकानों पर भीड़ होती है। दुकानदार, व्यापारी अपने बहीखातों की पूजा करते हैं और कई इसी दिन नए ‍वित्तीय वर्ष की शुरुआत भी करते हैं। दीपावली के दिन भारत में विभिन्न स्थानों पर मेले लगते हैं। दीपावली एक दिन का पर्व नहीं अपितु पर्वों का समूह है। दशहरे के पश्चात ही दीपावली की तैयारियाँ आरंभ हो जाती है। लोग नए-नए वस्त्र सिलवाते हैं। दीपावली के दिन चारो तरफ रोशनी और उजाले का वातावरण होता हैं.दीपावली से दो दिन पूर्व धनतेरस का त्योहार आता है। इस बाजारों में चारों तरफ चहल-पहल दिखाई पड़ती है। बर्तनों की दुकानों पर विशेष साजसज्जा व भीड़ दिखाई देती है। धनतेरस के दिन बरतन खरीदना शुभ माना जाता है अतैव प्रत्येक परिवार अपनी-अपनी आवश्यकता अनुसार कुछ न कुछ खरीदारी करता है। इस दिन तुलसी या घर के द्वार पर एक दीपक जलाया जाता है। इससे अगले दिन नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली होती है। इस दिन यम पूजा हेतु दीपक जलाए जाते हैं। संध्या में  लोग माँ लक्ष्मी की पूजा करते हैं. लोग इस दिन घर में नये नये पकवान बनाते हैं. बच्चे नये नये कपड़े पहनते हैं. पूजा के बाद लोग पटाखे फोड़ते हैं. लाखों लोग आतिशबाज़ी को देखने के लिए इकट्ठा होते हैं.दीवाली भारत के अधिकांश में फसल के मौसम के अंत का प्रतीक है.किसान इस वर्ष से चला गया वर्ष के इनाम के लिए धन्यवाद, और आगामी वर्ष के लिए एक अच्छी फसल के लिए प्रार्थना करते हैं.



Long Diwali Essays in English


On this day, people wear their best and new clothes and worship Goddess Laxmi and Lord Ganesha. People also exchange gifts and sweets with their family members and friends. People also fires cracker and enjoy the day with their relatives. However, people refrain from meat and alcohol on this day. Of late, a lot of clubs have started organizing special parties on Diwali for the young generation.

Diwali or deepawali measn a row or collection of lamps.a few days before diwali, house, buildings, shops, and temples are thoroughly cleaned,white washed and decorated with pictures,toys and flowers.They Look As Beautiful As Newly,Wedded Girl.Beautiful Pictures Are Hung On The Walls And Everything is TIP TOP.On The Diwali Day,People Put On Rich Clothes And Move About In A Holiday Mood.People Exchange greetings and gifts or sweets on the day… At Night,Buildings Are illuminated With Earthen Lamps,Candle Sticks And Electric Blubs..The City Present A Bright And Colourful sight.People Buy Sweets For Their Own Families And Also Send Them As Presents To Their Friends And Relatives.Children Explode Crackers.. At Nihht goddess laxmi ,the goddess of wealth is worshiped in the form of earthen images and sliver rupee..

Diwali is the festival of lamps. It is the famous festival of India. Diwali is also known as Deepavali. It is the most famous festival in north India. Diwali falls in the month of October. But exact date varies from year to year. Diwali is the home coming of Lord Rama after defeating the demon  king Ravna. People wear new dresses. Gifts are given and taken. Children buy firecrackers. They also help their parent to decorate the house with lights and Diyas ( in Hindi script दिया  ). This Diwali we enjoyed car travelling to see the evening lighting decoration. My mother cooked delicious food


Marathi Diwali Festival Essay


When last year Barack Obama, the America's President visited India last year, allegations were made some sources that Barack Obama had reduced 4 days from his overall life age. Such is the amount of pollution in India. People need to understand and should avoid burning cracker and this is the only way, they can contribute to their country.This year, Diwali is on 30 October on Sunday, and the allegation is made that the pollution level is expected to reach to next higher level on the eve of this Diwali. We all should start avoiding cracker burning and should encourage others for the same. This is the only way we can give good future and life to our next generation.




दिवाळीचे दुसरं नांव दीपावली. हा उत्सव म्हणजे दीपोत्सव. दिव्यांचा उत्सव दिव्यांच्या असंख्य ओळी घराअंगणात लावल्या जातात. म्हणून तिचं नाव दीपावली. ह्या सणाची सुरवात वसुबारसेपासून योते आणि भाऊबीज साजरी केल्यानंतर दिवाळीची सांगता होते. सर्व अबाल वृद्ध, मुले, स्त्रीया ह्यांचा हा लाडका सण. दिवाळी येणार म्हटलं की आवराआवर रंगरंगोटी. नव्या कपड्यांची, दागिन्यांची, घरातील वस्तूची खरेदीची ही पर्वणी. फटाक्यांची आतिषबाजी अन चविष्ट दिवाळी फराळाचा स्वाद हे ह्या सणाच आणखी एक वैशिष्ट्य. आपला भारत देश हा कृषीप्रधान देश. आपली थोर संस्कृती सुद्ध सर्वंवर प्रेम करायला शिकवणारी. म्हणूनच की काय वसुबारस ह्या दिवशी आपण गाय आणि वासरू ह्यांची पूजा करतो. त्यांना गोडाचा घास खाऊ घालतो. दुध-दुपत्यासाठी होणारा गायीचा उपयोग शेतीच्या कामी बैलाची होणारी मदत ह्या गोष्टी लक्षांत घेऊन त्या गोधनाची केलेलीही कृतज्ञता पूजा. धनत्रयोदशीला तिन्ही सांजेला केली जाणारी धनाची पूजा, नैवेद्याला ठेवला जाणारा धने-गुळाचा प्रसाद ह्याला ही फार मोठे महत्त्व आहे. ह्याच दिवशी एक दिवा तयार करून तो यमदेवतेसाठी लावला जातो. दक्षिण दिशा ही यमाची दिशा म्हणून त्या दिवशी त्या दिव्याची ज्योत ही दक्षिणेला केली जाते. नरक चतुर्दशी हा मुख्य दिवाळीचा पहिला दिवस. ह्या दिवशी पहाटे उठून अभ्यंग स्नान करायचे. नवीन वस्त्रे परिधान करायची. देवदर्शन घ्यायचे आणि सर्वांनी एकत्र जमून दिवाळी फराळ करायचा असा हा आनंद साजरा करण्याचा दिवस. ह्या दिवसाची एक पौराणिक कथा जोडली आहे ती अशी की श्रीकृष्णानी अत्याचारी नरकासुराचा वध करून त्याच्या बंदी शाळेतल्या सोळा सहस्त्र कन्यांची मुक्तता केली. तो हा दिवस, दुष्टाचा नाशा आणि मुक्ताचा आनंद हे या दिवसामागचे आनंद साजरा करण्याचे कारण आहे. अश्विनातले शेवटचे दोन दिवस आणि कार्तिकाचे पहिले दोन दिवस अशी ही चार दिवसांची मुख्य दिवाळी. अश्विन वद्य‍अमावस्येला संध्याकाळी घरोघरी, दुकानांतून सोन्या-चांदीच्या पेढ्यातून, ऑफिसातून लक्ष्मीपूजन केले जाते. घरातल सोन नाणं-रोकड ह्यांची पूजा करतात. व्यापारी सर्व हिशेबाच्या वह्यांच पूजन करतो. ह्या धनलक्ष्मीच्या पूजनाबरोबरच त्या दिवशी आरोग्य लक्ष्मी ( केरसुणी ) हिची पण पूजा करतात. लक्ष्मी पूजनानंतर फटाक्यांची अतिषबाजी करून आनंद साजरा केला जातो. पाडवा म्हणजे बलिप्रतिपदा साडेतीन मुहुर्तातला एक मुहुर्त. ह्या दिवशी अनेक नवे प्रकल्प चालू केले जातात. पाडव्याच्या दिवशी पत्नी पतीला ओवाळते. पती पत्नीला पाडव्याची भेट म्हणून वस्तू, दागिना किंवा साडी भेट देतो. कार्तिक शुद्ध द्वितीयेलाच यमद्वितीया किंवा भाऊबीज असे म्हणतात. बहिण भावाच्या उत्कट प्रेमाचा हा दिवस, बहिण भावाला स्नान घालते, गोड भोजन देते, ओवाळते आणि भाऊ बहिणीला ओवाळणी घालतो.

Long Short Essay On Diwali Festival for kids in Hindi English. Diwali celebrations may last for up to five days. Each and every person decorates their home and workplaces with tiny electric lights or small clay oil lamps. Bowls of water with candles and flowers floating on the surface are also popular decorations, And making Rangoli at the entrance of the house is one of the important rituals of this festival. People in different regions in India may celebrate Diwali on various dates. It is because traditional lunar calendars can be interpreting in a variety of ways. For example, Deepavali in Tamil Nadu is celebrated in the Tamil month of Aipasi.







May the Beauty of Diwali Season fill your Home with Happiness...



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