Govardhan Puja (Annakut) Vidhi Hindi, Images Wishes

Govardhan Puja



Govardhan  Puja (Annakut) Vidhi Hindi, Images Wishes : Goverdhan puja, or Annakut or Annakoot (interpreted as "a pile of sustenance") as it is additionally known, is a Hindu celebration in which fans plan and offer an extensive assortment of veggie lover nourishment to the murtis of Paramatma(God) as a characteristic of gratitude. For Vaishnavas, this day honors the occurrence in the Bhagavata Puran when Krishna lifted Govardhan slope on his pinky to give the villagers of Vrindavan haven from heavy rains. The episode is seen to speak to how God will secure all lovers who take solitary shelter in him. Krishna spent a large portion of his adolescence in Braj, a spot aficionados partner with huge numbers of Krishna's awesome and chivalrous adventures with his youth friends. One of the most critical episodes, portrayed in the Bhagavata Purana, includes Krishna lifting Mount Govardhan, a low slope arranged amidst Braj.


Goverdhan Puja Vidhi


How to perform Govardhan Puja at Home?

  • Govardhan Puja is generally performed in the morning.
  • Make a model of Govardhan parvat (mountain) using garden soil.
  • Decorate it as if you are decorating Lord Krishna.
  • Use mukut, bansuri, flower, tilak etc to form and image of Lord Krishna.
  • Offering 2 sticks of sugarcane, curd, unboiled milk and sweets.
  • Light the lamp and offer roli, chawal.
  • Perform parikrama around the model of mountain i.e. Govardhanji.
  • Read the story of Lord Krishna and Govardhan parvat.

गोवर्धन पूजा कथा (Govardhan Pooja Katha)

गोवर्धन पूजा के सम्बन्ध में एक लोकगाथा प्रचलित है. कथा यह है कि देवराज इन्द्र को अभिमान हो गया था. इन्द्र का अभिमान चूर करने हेतु भगवान श्री कृष्ण जो स्वयं लीलाधारी श्री हरि विष्णु के अवतार हैं ने एक लीला रची. प्रभु की इस लीला में यूं हुआ कि एक दिन उन्होंने देखा के सभी बृजवासी उत्तम पकवान बना रहे हैं और किसी पूजा की तैयारी में जुटे. श्री कृष्ण ने बड़े भोलेपन से मईया यशोदा से प्रश्न किया ” मईया ये आप लोग किनकी पूजा की तैयारी कर रहे हैं” कृष्ण की बातें सुनकर मैया बोली लल्ला हम देवराज इन्द्र की पूजा के लिए अन्नकूट की तैयारी कर रहे हैं. मैया के ऐसा कहने पर श्री कृष्ण बोले मैया हम इन्द्र की पूजा क्यों करते हैं? मैईया ने कहा वह वर्षा करते हैं जिससे अन्न की पैदावार होती है उनसे हमारी गायों को चारा मिलता है. भगवान श्री कृष्ण बोले हमें तो गोर्वधन पर्वत की पूजा करनी चाहिए क्योंकि हमारी गाये वहीं चरती हैं,  इस दृष्टि से गोर्वधन पर्वत ही पूजनीय है और इन्द्र तो कभी दर्शन भी नहीं देते व पूजा न करने पर क्रोधित भी होते हैं अत: ऐसे अहंकारी की पूजा नहीं करनी चाहिए.

लीलाधारी की लीला और माया से सभी ने इन्द्र के बदले गोवर्घन पर्वत की पूजा की. देवराज इन्द्र ने इसे अपना अपमान समझा और मूसलाधार वर्षा शुरू कर दी. प्रलय के समान वर्षा देखकर सभी बृजवासी भगवान कृष्ण को कोसने लगे कि, सब इनका कहा मानने से हुआ है. तब मुरलीधर ने मुरली कमर में डाली और अपनी कनिष्ठा उंगली पर पूरा गोवर्घन पर्वत उठा लिया और सभी बृजवासियों को उसमें अपने गाय और बछडे़ समेत शरण लेने के लिए बुलाया. इन्द्र कृष्ण की यह लीला देखकर और क्रोधित हुए फलत: वर्षा और तेज हो गयी. इन्द्र का मान मर्दन के लिए तब श्री कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से कहा कि आप पर्वत के Šৠपर रहकर वर्षा की गति को नियत्रित करें और शेषनाग से कहा आप मेड़ बनाकर पानी को पर्वत की ओर आने से रोकें.

इन्द्र लगातार सात दिन तक मूसलाधार वर्षा करते रहे तब उन्हे एहसास हुआ कि उनका मुकाबला करने वाला कोई आम मनुष्य नहीं हो सकता अत: वे ब्रह्मा जी के पास पहुंचे और सब वृतान्त कह सुनाया. ब्रह्मा जी ने इन्द्र से कहा कि आप जिस कृष्ण की बात कर रहे हैं वह भगवान विष्णु के साक्षात अंश हैं और पूर्ण पुरूषोत्तम नारायण हैं. ब्रह्मा जी के मुंख से यह सुनकर इन्द्र अत्यंत लज्जित हुए और श्री कृष्ण से कहा कि प्रभु मैं आपको पहचान न सका इसलिए अहंकारवश भूल कर बैठा. आप दयालु हैं और कृपालु भी इसलिए मेरी भूल क्षमा करें. इसके पश्चात देवराज इन्द्र ने मुरलीधर की पूजा कर उन्हें भोग लगाया.

गोवर्धन पूजा विधि (Govardhan Pooja Vidhi)


इस पराणिक घटना के बाद से ही गोवर्घन पूजा की जाने लगी. बृजवासी इस दिन गोवर्घन पर्वत की पूजा करते हैं. गाय बैल को इस दिन स्नान कराकर उन्हें रंग लगाया जाता है व उनके गले में नई रस्सी डाली जाती है. गाय और बैलों को गुड़ और चावल मिलाकर खिलाया जाता है.

Goverdhan Wishes Quotes


Murli Manohar, Brij ke Dhrohar.
Wo Nandlala Gopala, Bansi Ki Dhun Par Sabke Dukh Harne Wala.
Sab Milkar Machaye Dhoom Ki Krishna Ane Wala Hai.
Happy Govardhan Pooja!!


Krishna jinka naam, Gokul jinka dham, aise Shree Krishna Bhagwan ko, hum sab ka pranam, Jai shree krishna.
HAPPY Govardhan Puja!!

Chandan ki Khushbu Resham ka Haar
Sawan ki sugandh Barish ki fuhar
Radha ki Ummid KANHAIYA ka pyar
Mubarak Ho apko Govardhan Puja Ka Tyohaar.
Murli Manohar, Brij ke Dhrohar. Wo Nandlala Gopala, Bansi Ki Dhun Par Sabke Dukh Harne Wala. Sab Milkar Machaye Dhoom Ki Krishna Ane Wala Hai.
Happy Govardhan Pooja!!

Chandan ki khusbu, Resham ka haar, Bhadav ki shugandh, Barish ki fuhaar, Dil ki ummide, Apno ka pyar:- Mangalmay ho aapko Govardhan Puja ka tyohar.

Har khushi aapke dwaar aaye Jo aap mange, usse adhik paaye Govardhan Puja mein Krishna gun aaye Aur ye tyohaar, khushi se manaye. Happy Govardhan Pooja.

Sing the praises of Krishna For its a day of lights and cheer Missing you on Govardhan Puja day Wishing you were right here. Happy Govardhan Puja.

Murli Manohar, Brij ke Dhrohar. Wo Nandlala Gopala, Bansi Ki Dhun Par Sabke Dukh Harne Wala. Sab Milkar Machaye Dhoom Ki Krishna Ane Wala Hai. Happy Govardhan Pooja.

Sing the praises of Krishna For its a day of lights and cheer Missing you on Govardhan Puja day Wishing you were right here. Happy Govardhan Puja.

Goverdhan Images Pictures



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Govardhan  Puja (Annakut) Vidhi Hindi, Images Wishes. In Maharashtra, that day is praised as Bali Pratipada or Bali Padva. The day recognizes triumph of Vamana, an incarnation of Lord Vishnu, over King Bali and ensuing pushing of Bali to Patal Lok (the underworld). It is trusted that because of aid was given by Lord Vamana, Asura King Bali visits the Prithvi Lok from the Patala Lok on this day.







May the Beauty of Diwali Season fill your Home with Happiness...



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